मौली संवाद: 38वें राष्ट्रीय खेल के नौवें दिन खेल और जीवन संतुलन पर चर्चा

देहरादून: 38वें राष्ट्रीय खेल के नौवें दिन आयोजित “मौली संवाद: नेशनल स्पोर्ट्स विजन कॉन्क्लेव” में खेल, फिटनेस, वित्त और दीर्घकालिक सफलता पर गहन चर्चा हुई। इस विशेष आयोजन में दो महत्वपूर्ण सत्र हुए, जिनमें विशेषज्ञों ने छात्रों और उपस्थित लोगों को जीवन के विभिन्न पहलुओं में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा दी।

पहला सत्र: फिटनेस, वित्त और भविष्य – सफलता के लिए समग्र गेम प्लान

इस सत्र में मैराथन धावक और आयरन मैन कोच निशांत भारद्वाज ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक व्यक्ति अपने विभिन्न जुनूनों का अन्वेषण कर सकता है और फिटनेस, वित्त तथा व्यक्तिगत विकास के बीच संतुलन स्थापित कर सकता है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत शरीर और सुरक्षित वित्तीय भविष्य का मेल ही जीवन में सफलता की कुंजी है।

भारद्वाज ने वित्तीय प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि यह हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है, विशेष रूप से एथलीट्स के लिए, जिनके करियर की अवधि सीमित होती है। उन्होंने विकलांगता बीमा की अहमियत पर भी प्रकाश डाला और बताया कि यह एक खिलाड़ी के भविष्य को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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उन्होंने अपनी यात्रा साझा की कि कैसे उन्होंने विभिन्न महासागरों और समुद्रों को पार किया और बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के केवल YouTube की मदद से तैराकी सीखी। इसके साथ ही, उन्होंने निवेश और वित्तीय ज्ञान अर्जित करने की सलाह दी।

सत्र की मॉडरेटर अनीशा घोष ने अपने जुनून के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त किया और छात्रों को प्रेरित किया कि वे भी अपने सपनों की दिशा में कार्य करें। भारद्वाज ने छात्रों से उनके आदर्शों के बारे में भी चर्चा की।

इस अवसर पर 38वें राष्ट्रीय खेल के सीईओ अमित सिन्हा जी ने निशांत भारद्वाज की सराहना करते हुए कहा कि उनकी यात्रा और विचार प्रेरणादायक हैं।

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दूसरा सत्र: द एथलीट एज – रिकवरी, शक्ति और दीर्घायु के लिए योग

दूसरे सत्र का विषय था “द एथलीट एज: रिकवरी, शक्ति और दीर्घायु के लिए योग”, जिसमें योग और समग्र कल्याण विशेषज्ञ अदिति खन्ना ने अपने विचार साझा किए। सत्र का संचालन आई.ओ.ए के प्रेस अटैची जी. राजारामन ने किया।

अदिति खन्ना ने बताया कि कैसे योग न केवल शरीर को मजबूत बनाता है, बल्कि मानसिक शक्ति को भी बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि योग एक एथलीट को अधिक लचीला बनाता है और एकाग्रता तथा मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

सत्र के दौरान, अदिति खन्ना ने मंच पर कुछ वॉलंटियर को आमंत्रित किया और उन्हें विभिन्न योग आसनों का अभ्यास कराया। इनमें चाइल्ड पोज़, बटरफ्लाई पोज़, चेयर पोज़ और कलाई के व्यायाम शामिल थे। इसके अलावा, उन्होंने उपस्थित छात्रों और वॉलंटियर के साथ श्वास अभ्यास भी कराया, जिससे तनाव कम करने और मानसिक शांति बनाए रखने में सहायता मिलती है।

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सत्र के अंत में, जी. राजारामन और अदिति खन्ना ने वॉलंटियर को भारतीय टीम की जर्सी भेंट की।

मौली संवाद का यह आयोजन न केवल खेलों के तकनीकी पहलुओं पर केंद्रित था, बल्कि इसमें एक खिलाड़ी और सामान्य व्यक्ति के लिए जीवन में संतुलन बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया गया। उपस्थित विद्यार्थियों और खेल प्रेमियों के लिए यह एक प्रेरणादायक अवसर साबित हुआ, जहां उन्होंने जीवन में अनुशासन, वित्तीय जागरूकता और योग के महत्व को समझा।

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