उत्तराखंड : ONGC अधिकारी से साइबर ठगी, ₹7.39 करोड़ का चूना

देहरादून: ओएनजीसी (ONGC), त्रिपुरा में जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत एक दून निवासी अधिकारी, संदीप कुमार, ₹7.39 करोड़ की एक बड़ी साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। यह ठगी उन्हें शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देकर की गई। इस संबंध में उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार, 15 जून को संदीप कुमार को एक व्हाट्सएप ग्रुप, ‘वेल्थ सीक्रेट एक्सचेंज ग्रुप,’ में शामिल होने का लिंक मिला। इस ग्रुप में 173 सदस्य थे और मुकेश कुमार शर्मा नाम का एक व्यक्ति एडमिन था। एडमिन ने ग्रुप में शेयर मार्केट में निवेश से होने वाले भारी मुनाफे के बारे में जानकारी देना शुरू किया।

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25 जुलाई को ग्रुप में एक मोबाइल ऐप का लिंक साझा किया गया, जिसमें निवेश करने का लालच दिया गया। संदीप कुमार ने इस ऐप पर अपने आधार कार्ड से रजिस्ट्रेशन किया। इसके बाद उन्हें एक और व्हाट्सएप ग्रुप, ‘डिसीप्लेन टीम,’ में जोड़ दिया गया, जिसमें उन्हें IPO और शेयर में निवेश के लिए प्रेरित किया गया।

इस लालच में आकर, 22 जुलाई से 20 अगस्त के बीच, संदीप कुमार ने 15 अलग-अलग खातों में कुल ₹7.39 करोड़ जमा कर दिए। ऐप पर उन्हें दिखाया गया कि उनके निवेश से लगभग ₹100 करोड़ का मुनाफा हो चुका है।

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21 अगस्त को जब उन्होंने ₹5 करोड़ निकालने की रिक्वेस्ट डाली, तो उन्हें अगले दिन ₹3 करोड़ टैक्स के रूप में भरने के लिए कहा गया। जब उन्होंने अनुरोध किया कि टैक्स की राशि काटकर बाकी पैसे उन्हें वापस कर दिए जाएं, तो उन्हें बताया गया कि यह एक अंतर्राष्ट्रीय ब्रोकर फर्म है और टैक्स अलग से भरना होगा।

ठगी का एहसास होने पर, संदीप कुमार ने 22 अगस्त को साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है और साइबर अपराधियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है।

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