आपदा प्रभावित परिवारों के क्षति का आंकलन करेगी उच्च स्तरीय टीम: डॉ धन सिंह रावत

श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के थलीसैण विकासखंड के 29 आपदा प्रभावित परिवारों के क्षति की उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा जांच की जायेगी, इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग को कार्यवाही करने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा क्षेत्र में आपदा से क्षतिग्रस्त मोटरमार्गों, पुलों व पेयजल लाइनों को शीघ्र मरम्मत करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिये।

सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में आपदा से हुये नुकसान को लेकर विभिन्न विभागों की बैठक ली। जिसमें आपदा प्रबंधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम, जलसंस्थान, पीएमजीएसवाई तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में डॉ रावत ने थलीसैण ब्लॉक के 29 आपदा प्रभावित परिवारों के क्षति का आंकलन किया जायेगा, इसके लिये उच्च स्तरीय समिति गठित कर जांच के निर्देश आपदा प्रबंधन विभाग को दे दिये गए हैं। इसके अलावा प्रभावितों को आपदा नीति के तहत शीघ्र उचित मुआवजा मुहैया करने को कहा। अलावा उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आपदा से क्षतिग्रस्त विभिन्न मोटरमार्गों का शीघ्र पुनर्निर्माण कर आवागमन बहाल करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। साथ ही उन्होंने पाबों में हो रहे भू-धसाव का टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कार्पोरेशन (टीएचडीसी) से स्थलीय सर्वेक्षण कर ट्रीटमेंट करने के निर्देश दिये। डॉ रावत ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-309 (बुआखाल-बैजरों) कई जगहों पर क्षतिग्रस्त होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा उन्होंने लोक निर्माण विभाग व पीएमजीएसवाई के अंतर्गत क्षतिग्रस्त सड़कों को भी शीघ्र मरम्मत कर आवाजाही बहाल करने के निर्देश दिये।

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बैठक में आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को ठीक कर पेयजलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये साथ ही भिड़ाहस्यूडी, विडोलस्यूं एवं ढिक्वाल गांव पेयजल पम्पिंग योजना को शीघ्र पूरा कर क्षेत्र में पेयजलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिये।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष लोक निर्माण विभाग राजेश चंद्र शर्मा, मुख्य अभियंता उत्तराखंड पेयजल निगम संजय सिंह, मुख्य वन संरक्षक (वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन) वन विभाग सुशांत पटनायक, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान मनीष सेमवाल, मुख्य अभियंता एन.एस. बिष्ट, अधीक्षण अभियंता पेयजल निगम मोहम्मद मीसम, अनुपम रतन, राजेश सिंह, मोहित उनियाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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