शिक्षा विभाग का बनेगा ‘मानव सम्पदा’ पोर्टलः डॉ. धन सिंह रावत, कहा – प्रत्येक जनपद में बनाये जायेंगे आवासीय मॉडल विद्यालय

देहरादून: विद्यालयी शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के सम्पूर्ण डाटा के रख-रखाव के लिये शीघ्र ही मानव सम्पदा पोर्टल बनाया जायेगा। जिसमें कार्मिकों की सम्पूर्ण सेवा काल का लेखा-जोखा सुरक्षित रहेगा। भारतीय ज्ञान परम्परा से नई पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से सभी जनपदों में एक-एक आवासीय मॉडल विद्यालय बनाये जायेंगे।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभाग में तैनात सभी शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के सम्पूर्ण सेवाकाल का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के दृष्टिगत ‘मानव सम्पदा’ पोर्टल बनाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षकों एवं कार्मिकों के स्थानांतरण भी ऑनलाइन किये जायेंगे इसके लिये सभी कार्मिकों का डाटा एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध होना जरूरी है। जिसके मानव सम्पदा पोर्टल एक बेहतर विकल्प है। जिसमें एक ही क्लिक पर किसी भी कार्मिक का सम्पूर्ण सेवा काल का डाटा देखा जा सकेगा। जिससे स्थानांतरण तथा पदोन्नति में पारदर्शिता तो रहेगी साथ ही समय की भी बचत होगी। विभागीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भारतीय ज्ञान परम्परा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रत्येक जनपद में एक-एक आवासीय विद्यालय तैयार करेगी। जिसके चिन्हिकरण के लिये कुछ मानक निर्धारित किये जायेंगे। जहां पर गुणवत्तापरक शिक्षा के साथ ही पारम्परिक शिक्षा एवं भारतीय संस्कृति का समावेश देखने को मिलेगा। इसके लिये विद्यालय के पास पर्याप्त भूमि एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का होना जरूरी होगा। इन विद्यालयों में कक्षा-06 से 12 तक के छात्रों को प्रवेश दिया जायेगा। डॉ. रावत ने कहा कि प्रदेश में एनसीसी विस्तार योजना के तहत प्रत्येक ब्लॉक के एक विद्यालय एनसीसी की इकाई खोली जायेगी। जिसके लिये अधिकारियों को विद्यालय के चयन के निर्देश दे दिये गये हैं।

ये भी पढ़ें:   मुख्यमंत्री ने मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं, जनसमस्याओं का त्वरित एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें – मुख्यमंत्री

बैठक में पीएम-श्री एवं कलस्टर विद्यालयों के चयन की प्रगति के साथ ही अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर भी चर्चा की गई। इसके अलावा प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के जीर्ण-शीर्ण भवनों के नव निर्माण एवं मरम्मत की भी समीक्षा की गई। ऐसे विद्यालयों के शीघ्र डीपीआर तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।

बैठक में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा झरना कमठान, निदेश्क एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक प्रथमिक शिक्षा आर.के. उनियाल, प्रभारी निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल सती, अपर निदेशक माध्यमिक (गढ़वाल) एस.बी.जोशी, अपर निदेशक माध्यमिक (कुमाऊं) अम्बा दत्ता बलोदी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

ये भी पढ़ें:   उत्तराखंड के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी आउट ऑफ टर्न नियुक्ति, शासनादेश जारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *